छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का दूसरा दिन, 216 करोड़ की राशन गड़बड़ी पर हुआ जमकर हंगामा…

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत होते ही पूर्व में कांग्रेस सरकार में चावल गड़बड़ी का मुद्दा गुंजा। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस सरकार में चावल में गड़बड़ी का सवाल उठाते हुए उन्होंने जांच रिपोर्ट की जानकारी मांगी और अपनी ही सरकार के मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं होने की बात कही।
कौशिक ने कहा कि, तब मंत्री रहे अमरजीत भगत ने 24 अप्रैल 2023 तक जांच कर कार्रवाई और रिपोर्ट देने की बात कही थी, लेकिन 23 अप्रैल को ही सत्र खत्म कर दिया गया। इसके बाद मामला कोर्ट में होने की बात कही गई। गरीबों के चावल में बड़ी मात्रा में गोरखधंधा चल रहा था।
धरमलाल कौशिक ने कहा कि, 24 मार्च 2023 को पूरी जानकारी देने की बात की गई थी। अब मैं माननीय मंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि 2024 मार्च 2023 की स्थिति में जो परीक्षण किया गया, उसमें कितने में अनियमितता पाई गई, कितने सस्पेंड किए गए, कितने फिट किए गए और कितना शॉर्टेज मिला?
धरमलाल कौशिक ने कहा कि अगर 24 तक जवाब नहीं दिया गया और हाउस में कमिटमेंट मंत्री का हो और आसांदी का निर्देश हो। निर्देश का पालन नहीं हो तो क्या विधानसभा का अवमानना का मामला नहीं है?
स्पीकर बोले- मंत्री का पहला दिन
इस पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आप सभी ने जो ध्यान आकर्षित किया है, इस विषय को लेकर आसंदी ने स्पष्ट निर्देश दिया था। मुझे लगता है कि मंत्रिगण अभी पहली बार जवाब देने के लिए आए हैं। इस बात का ध्यान रखना हम सभी के लिए जरूरी है कि जो भी आसंदी का आदेश निर्देश होता है उसका समय पर पालन करना जरूरी होता है। पहली बार है, पहला दिन है, मैं इसमें दूसरी बात नहीं कहूंगा, मगर भविष्य में इस बात की चिंता सभी को करनी होगी।
इसके बाद फिर धरमलाल कौशिक ने कहा कि अमरजीत भगत ने 24 मार्च तक रिपोर्ट देने की बात कही थी, लेकिन इससे पहले ही रफूचक्कर हो गए। यह जो जांच का लंबित मामला है इस जांच के मामले में कितनी गड़बड़ी पाई गई अब तो आपके पास डाटा आ गया होगा वह हमें बताएं।

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