झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने ले ली युवक की जान, गैर ईरादतन हत्या का जुर्म दर्ज…

कोरबा। स्वास्थ विभाग के लाखों प्रयासों के बाद भी छत्तीसगढ़ के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी झोलाछाप डॉक्टर हैं। पैसों की बचत के लिए ग्रामीण इनसे इलाज भी करवाते हैं। लेकिन कभी – कभी यहीं चीज महंगा भी पड़ सकता हैं।

दरअसल, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मरीज की जान चली गई। डॉक्टर ने मरीज के पेट में इंजेक्शन लगाया था, जिससे पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। हद तो तब हो गई जब डॉक्टर ने सही सलाह देने के बजाए धमकी देना शुरू कर दिया। परिजन के शिकायत के बाद झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ गैर ईरादतन हत्या का जुर्म दर्ज किया है। पूरा मामला पसान थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेमरा के आश्रित ग्राम गुरुद्वारी का हैं।

सही सलाह देने के बजाय धमकाने लगा झोलाछाप डॉक्टर

जानकारी के अनुसार भानुप्रताप ओट्टी (40 वर्ष) की तबियत ख़राब होने पर नवंबर को समीप के गांव में रहकर ईलाज करने वाले जीपीएम जिले के डॉक्टर करन कुमार के पास पहुंचा। डॉक्टर ने एक के बाद एक हाथ, कमर और पेट में चार इंजेक्शन लगा दिया। इसके कुछ ही देर बाद भानुप्रताप के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। जिसकी जानकारी भानुप्रताप ने शाम को पत्नी सुकुल बाई को दी। पत्नी ने डॉक्टर को कॉल कर पति के पेट में इंजेक्शन लगने के बाद दर्द बढ़ने की जानकारी दी, लेकिन डॉक्टर सही सलाह देने के बजाय धमकाने लगा।

कई दिनों के इलाज के बाद भी नहीं हुआ ठीक

आखिरकार परिजन भानुप्रताप को ईलाज के लिए पेंड्रा ले गए, जहां डॉक्टर ने बिलासपुर ले जाने की सलाह दी। 7 से 17 नवंबर तक भानुप्रताप का उपचार सिम्स में चलता रहा। इस दौरान पेट में घाव के पक जाने की बातें सामने आई। डाक्टरों ने ऑपरेशन भी किया। परिजन ठीक नहीं होने पर भानुप्रताप को घर ले आए। जिसके बाद मरीज ने 18 नवंबर को थाने में मामले की लिखित शिकायत कर दी। जिसे सामान्य मान पुलिस विवेचना करती रही। इधर हालत बिगड़ने पर भानुप्रताप को पुनः सिम्स दाखिल कराया गया। सिम्स में दो दिन बाद ईलाज के दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया।

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