चुनाव के लिए पक्ष विपक्ष के ढेर सारे वादे , लेकिन शराब और नशीली पदार्थ बंद कराने का कोई वादा नहीं, क्या नेता- मंत्री का घर चल रहे इस पैसे से ?…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव संपन्न हुआ। इस दौरान प्रदेश की जनता को नेता- मंत्रियो ने वादों के ढेर से ढक दिया है। लेकिन शराब और नशीली पदार्थों को बंद करवाने या रोकथाम के लिए एक भी वादे नहीं किये है। ऐसा क्यों ? क्या ये वादा करने से सरकार गिर जाती या फिर जुबान गिर जाती।
छत्तीसगढ़ में करोडो रूपए से अधिक का शराब पिकर नष्ट कर देते है। इस पर कोई भी पार्टी के लोग क्यों सोच विचार नहीं किये ? क्या शराब के पीछे नेता- मंत्रियो के घर चलते है?
बता दे कि छत्तीसगढ़ में जगह- जगह शराब की दुकाने खुली हुई है और नशीली पदार्थो का वितरण खुले आम बिक्री कर रहे है। जिसके चलते पुलिस प्रशासन के नाक में दम मचा रखा है। नशा का कारोबार थमने का नाम ही नहीं ले रहा है और ज्यादा ही बढ़ते जा रहा है।
ऐसे में एक भी पार्टी अभी चुनाव के समय संबोधित करते समय कई बड़े- बड़े वादे किये है। पर कोई भी पार्टी ये वादा नहीं किया की नशीली पदार्थो को जड़ से उखाड़ा जाये। क्या उनके मन में इतना बड़ा सवाल नहीं आया या फिर इस सब से नेता- मंत्रियो के घर चल रहे है।

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