Unique place in Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ का ऐसा तालाब जहां नहाने से दूर हो जाती है त्वचा से संबंधित बीमारी, जानें इसके बारे में सबकुछ

Unique place in Chhattisgarh : भारत देश अपनी मान्यताओं और परम्पराओं के लिए पुरे दुनिया में जाना जाता है। यहां विभिन्न प्रकार के धर्म -जाति के लोग रहते है। वैसे तो भारत में कई ऐसी जगह है जो काफी अलग और सब को हैरान कर देने वाली है। ऐसे जगहों की मान्यताएं भी काफी अलग और अनोखी होती है। ऐसा ही एक तालाब भारत के छोटे से राज्य छत्तीसगढ़ में है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर शहर के पुरानी बस्ती में एक तालाब स्थित है जिसका नाम कंकाली तालाब है। मान्यता है कि इसमें डुबकी लगाने से त्वचा संबंधी रोग दूर हो जाते हैं।

क्यों कहते है इसे कंकाली तालाब

 kankaalee taalaab
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कहा जाता है कि कंकाली तालाब का निर्माण नागा साधुओं ने 650 साल पहले करवाया था। उस समय जब तालाब की खोदाई की गई तो उसमे से कंकाल मिला इसलिए इसका नाम कंकाली तालाब पड़ा। नागा साधुओं ने तालाब के बीच में छोटा सा मंदिर बनवाकर शिवलिंग की स्थापना की। इसके बाद ऐसा चमत्कार हुआ कि अचानक एक दिन धरती से पानी की धारा फूट पड़ी और तालाब लबालब भर गया। सदियों से आज तक मंदिर तालाब के बीच डूबा है, जिसके चलते भक्तगण शिवलिंग के दर्शन नहीं कर पाते।

आज तक कोई नहीं लगा पाया तालाब की गहराई का अंदाजा

Kankali Talab, Raipur, Chhattisgarh - Tourism 2021 | Temple, Shiva, Photos of Kankali Talab - TripInvites - TripInvites

आज भी तालाब लबालब भरा है और इसके बीच में शिव मंदिर का गुंबद ही दिखाई दे रहा है। इस तालाब के बीच में बना 20 फुट ऊंचा मंदिर पूरी तरह से डूबा रहता है, इसलिए तालाब की गहराई का अंदाजा लगा पाना मुश्किल है, लेकिन वहां के रहवासियों का कहना है कि तालाब की गहराई कम से कम 30 फुट होगी। बता दें कि कई बार तालब के पानी को निकलकर शिवलिंग का दर्शन करने की कोशिश की गई लेकिन आज तक सफल नहीं हो पाए। गर्मी के समय जब राजधानी के नदी व तालाब सूखने लगते हैं तब भी छत्तीसगढ़ का ये चमत्कारी कंकाली तालाब हमेशा की तरह लबालब भरा रहता है।

कंकाली तालाब के अंदर बनी है सुरंग

Kankali Talab, Raipur | Timings, How to Reach | Holidify

बुजुर्गाें ने बताया है कि कंकाली तालाब के भीतर सुरंग बनी हुई है। इस सुरंग के रास्ते से तालाब से दो-तीन किलोमीटर दूर महाराजबंध तालाब, नरैया तालाब और बूढ़ातालाब तक पानी पहुंचता है। कुछ ही दूर प्रसिद्ध महामाया मंदिर की बावली भी कंकाली तालाब से जुड़ी हुई है। इस तालाब को लेकर ऐसी मान्यता है कि किसी के शरीर में खुजली हो या चर्म रोग के कारण कोई परेशान हो तो तालाब में डुबकी लगाने से राहत मिलती है।

CM भूपेश बघेल ने कंकाली तालाब का इसी साल किया लोकार्पण

सीएम भूपेश बघेल
सीएम भूपेश बघेल
सीएम भूपेश बघेल ने 26 अप्रैल 2023 को भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान इस तालाब का एक करोड़ 34 लाख रूपये की लागत से सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। कंकाली तालाब में साढ़े तीन सौ वर्ग मीटर धौलपुर लाल पत्थर से सौंदर्यीकरण किया गया है। साथ ही इसमें फसाड लाईट और फ्लड लाईट लगाया गया। तालाब में 28 बड़े खंभो पर बिजली की जगमगाहट भी की गई है। घाट एवं पचरी मरम्मत कर रंगाई-पुताई का काम भी किया गया है। तालाब के चारो ओर लगभग साढ़े चार सौ मीटर स्टेनलेस स्टील की रेलिंग भी लगाई गई है।

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