Health News : पीरियड्स में हल्की एक्सरसाइज करने से बाकी दिनों के मुकाबले ज्यादा एक्टिव रहता है शरीर …

Health News : पीरियड्स महिलओं में  होने वाली एक सामान्य प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है जिसमें आपके यूटेरस के अंदर से बल्ड और टिश्यू , वजाइना के द्वारा बाहर निकल जाते हैं। यह आमतौर पर महीने में एक बार होता है और लड़कियों के शरीर में पीरियड की शुरुआत होने का मतलब है कि उनका शरीर अपने आप को संभावित प्रेगनेंसी के लिए तैयार करता है। पीरियड्स हर महिला के लिए दर्द भरा दिन होता है। ऐसे में एक्सरसाइज करना चाहिए या नहीं इसे लेकर हर महिला के मन में सवाल उठता है उन सभी सवालो के जवाबो के बारे में जानेगे |
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मीरा पाठक से पीरियड्स में एक्सरसाइज से जुड़े कुछ टिप्स देती है –
पीरियड्स में एक्सरसाइज करना चाहिए या नहीं
पीरियड्स में एक्सरसाइज की जा सकती है। कुछ एक्सरसाइज के जरिए पीरियड्स में होने वाले दर्द को कम किया जा सकता है। पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज करने से बाकी दिनों के मुकाबले शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है।हालांकि, पीरियड्स के दौरान हर महिला की सिचुएशन एक जैसी नहीं होती। ऐसे में अगर किसी को ज्यादा फ्लो की परेशानी है तो फिजिकल अबिलिटी के मुताबिक ही पीरियड्स में एक्सरसाइज करें या फिर एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
पीरियड्स में एक्सरसाइज करने के फायदे
पीएमएस में फायदेमंद
पीएमएस यानी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम पीरियड्स आने से एक या दो हफ्ते पहले शुरू होता है। इस दौरान महिलाओं को सिरदर्द, जोड़ों का दर्द, चिड़चिड़ापन, मूड में बदलाव, डिप्रेशन, स्तन में सूजन की समस्या होने लगती है। इन समस्याओं को कम करने के लिए पीरियड्स में एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन के एक शोध के मुताबिक एरोबिक एक्सरसाइज करने से पीएमएस कम किया जा सकता है।
एक्सरसाइज ताकत बढ़ाए
पीरियड्स साइकिल के दौरान हाॅर्मोन में बदलाव की वजह से कुछ महिलाओं को कमजोरी महसूस होने लगती है। कमजोरी को दूर करने के लिए एक्सरसाइज करना फायदेमंद है। एक रिसर्च पेपर में जानकारी मिलती है कि एक्सरसाइज करने से शरीर में एनर्जी रहती है। साथ ही इससे मांसपेशियों की ताकत भी बनी रहती है।
मूड के लिए अच्छा
पीरियड्स से करीब दो हफ्ते पहले यानी ओव्युलेशन के समय एस्ट्रोजन नाम का हाॅर्मोन बढ़ने लगता है। ओव्युलेशन के बाद एस्ट्रोजन तेजी से कम होता है और प्रोजेस्टेरोन हाॅर्मोन का लेवल बढ़ना शुरू होता है, जिससे थकान महसूस होती है।
ऐसे में एक्सरसाइज करने से न सिर्फ शरीर एक्टिव रह सकता है बल्कि मूड भी बेहतर हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में भी इस बात का जिक्र है कि शारीरिक गतिविधि ब्रेन में एंडोर्फिन नाम के हाॅर्मोन को प्रभावित करती है, जिससे मूड में सुधार देखने को मिलता है।

नोट: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं। स्वरमयी टाइम्स इस लेख में दिए जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

 

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