Chandrayaan 3 : भारत ने रच दिया इतिहास, चंद्रयान 3 की सफलता पूर्वक हुई सॉफ्ट लैंडिंग…

Chandrayaan 3 : भारत ने एक नया इतिहास रच दिया है। ‘चंद्रयान-3’ की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल ‘सॉफ्ट-लैंडिंग’ हो गई है। पृथ्वी के नैचुरल सैटेलाइट (चंद्रमा) के इस हिस्से में उतरने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया है क्योंकि अब तक जितने भी मिशन चंद्रमा पर गए हैं वे चंद्र भूमध्य रेखा के उत्तर या दक्षिण में कुछ डिग्री अक्षांश पर उतरे हैं। ब्रह्मांड के इस हिस्से में भारत का परचम लहराने से वैज्ञानिकों ही नहीं, देशभर की आम जनता के बीच भी भारी उत्साह देखा जा रहा है और ‘सॉफ्ट-लैंडिंग’ से वाकिफ हर भारतीय का चेहरा खुशी से दमक रहा है।
चंद्रयान-3 की चांद पर सफल सॉफ्ट-लैंडिंग
चंद्रयान-3 की लैंडिंग को लेकर चर्चा और सरगर्मी 14 जुलाई को इसके लॉन्च के साथ ही जोर पकड़ गई थी लेकिन बुधवार (23 अगस्त) की शाम को हर किसी की आंख सॉफ्ट लैंडिंग के घटनाक्रम पर टिक गई। इसरो ने शाम 6:04 बजे का समय इसके लिए निर्धारित किया था।
चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद अब क्या होगा?
योजना के अनुसार, कुछ देर बाद लैंडर विक्रम की बैली से रोवर प्रज्ञान एक पैनल को रैंप के रूप में इस्तेमाल करके चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। धूल का गुबार शांत होने के बाद रोवर प्रज्ञान बाहर आएगा। इसमें करीब 1 घंटा 50 मिनट लगेगा। इसके बाद विक्रम और प्रज्ञान एक-दूसरे की फोटो खींचेंगे और पृथ्वी पर भेजेंगे। रोवर में पहिए और नेविगेशन कैमरे लगे हैं. यह चंद्रमा के परिवेश का इन-सीटू (यथास्थान) विश्लेषण करेगा और जानकारी लैंडर विक्रम के साथ साझा करेगा। लैंडर विक्रम धरती पर वैज्ञानिकों से सीधे कम्युनिकेट करेगा। इस प्रकार चंद्रमा के बारे में अमूल्य जानकारी पृथ्वी पर हम तक आ सकेगी।

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