EYE FLU : सावधान हो जाइए आई फ्लू बीमारी सर्दियों और बारिश के मौसम में ज्यादा तेजी से फैलती है…..

EYE FLU :  लगातार मौसम बदल रहा है उसके साथ ही मौसम में भी काफी परिवर्तन हो रहा है , कभी बारिश हो रही है तो कभी धुप और छाँव | बारिश के बाद बीमारियों का बढ़ना कोई नई बात नहीं है। मौसम के साथ ही मौसमी बीमारियां भी बढ़ते जाती है | इसकी चपेट में ज्यादातर लोग आ जाते है | मूसलाधार बारिश के बाद उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों के अनुसार आई फ्लू बीमारी बड़ी है। डॉक्टर के पास पेसेंटो की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है | इन मरीजों लंबी कतारों में बच्चों की संख्या ज्यादा है।
स्कूलों से भी नोटिस जारी करके आंखों का ख्याल रखने की सलाह दी जा रही है। कानपुर मेडिकल कॉलेज की आई स्पेशलिस्ट डॉ. शालिनी मोहन से जानते हैं कि आई फ्लू इन्फेक्शन से खुद को और परिवार को कैसे सुरक्षित रखा जाए। साथ ही कुछ टिप्स भी दिए जा रहे हैं, जो आपके काम के हो सकते हैं।
आंखों में जलन-खुजली है तो समझिए आई फ्लू
डॉ. मोहन कहती हैं
आई फ्लू एक बीमारी है जो आंखों को बेहद तकलीफ देती है। इसे वायरल कंजक्टिविटी कहते हैं। यह कॉमन इन्फेक्शन है, जिसकी चपेट में कभी न कभी हर इंसान आता है। आई फ्लू होने पर आंखों में जलन और खुजली होने लगती है। यह बीमारी सर्दियों और बारिश के मौसम में ज्यादा फैलती है और तेजी से फैल सकती है। आई फ्लू होने के दूसरे कारण भी हैं जैसे-कॉस्मेटिक या कॉन्टेक्ट लेंस।
बहुत ज्यादा इन्फेक्शन फैलने की वजह से यह आंखों के आगे एक पतली सी झिल्ली में पहुंच जाता है। जिसकी वजह से आंखों में खुजली की शिकायत होती है। साथ ही आंखों में सूजन आ जाती है। बर्दाश्त न कर पाने वाला दर्द होता है। हालांकि, आई फ्लू की चपेट में हर उम्र के लोग आते हैं, लेकिन बच्चों को यह अपनी गिरफ्त में जल्दी लेता है। कभी-कभी आई फ्लू इन्फेक्शन का कारण धूल-मिट्टी भी हो सकता है। यह इन्फेक्शन एक आंख से शुरू होकर दूसरी आंख तक फिर एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंचता है। इन्फेक्शन में आंखों का रंग पीला होने के बाद धीरे-धीरे लाल होने लगता है।
आई फ्लू इन्फेक्शन फैलने की वजह
यह इन्फेक्शन वायरस और बैक्टीरिया से फैलता है। इस परेशानी की वजह हीमोफिलस बैक्टीरिया है। यह बैक्टीरिया कनेक्टिविटी सेक्शुअल रिलेशन से भी फैलता है। कभी-कभी डिलीवरी के दौरान मां बैक्टीरिया या वायरस की चपेट में आ जाती है जिससे होने वाले बच्चे पर भी इसका असर देखा जा सकता है।
नवजात शिशु में डिलीवरी के 5 से 12 दिनों तक ही यह बैक्टीरियल कंजक्टिविटी यानी आई फ्लू नजर आता है। नवजात शिशुओं में भी आई-फ्लू इन्फेक्शन का कारण यही बैक्टीरिया होते हैं। जिसमें बच्चे की आंख गुलाबी होकर उसमें जलन होने लगती है या आंसू बहते हैं।
नोट: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं। स्वरमयी टाइम्स इस लेख में दिए जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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