CG NEWS : आगे गा भईया हरेली त्यौहार आगे, जानिए हरेली त्यौहार के बारे में…

CG NEWS : आगे हरेली तिहार, छाये हावय जी बहार |
करलव मिलके अब तईयारी, छागे हावय जी हरियाली |
भारत की अनूठी विशेषता ही यही है कि यहां कई संस्कृतियां कई परम्पराएं हैं
छत्तीसगढ में सबसे पहला त्यौहार हरेली त्यौहार को माना जाता हैं। और इसी के साथ छत्तीसगढ में त्योहारों की शुरुवात होती हैं।
हरेली त्यौहार क्या होता है-
हरेली तिहार किसानों का सबसे बडा महत्वपूर्ण त्यौहार है। हरेली शब्द हिंदी शब्द ‘हरियाली’ से उत्पन्न हुआ है हरेली जिसे हरियाली के नाम से भी जाना जाता है इसे छत्तीसगढ़ में प्रथम त्योहार के रुप में माना जाता है।
हरेली त्यौहार कब मनाया जाता है-
किसानो का यह अपना त्यौहार है जिसे वह अपने द्वारा इस्तेमाल में लायी जाने वाली हल, बैल, और तरह तरह के औजार जो खेती बाड़ी में काम आते हैं की पूजा करते हैं. सावन की अमावस्या को मनाया जाने वाला पर्व हरेली तिहार सभी छत्तीसगढ़ वासी बडे ही धुम-धाम से मनाया जाता है। यह छत्तीसगढ़ के मुख्य रूप से महत्वपूर्ण त्यौहार है।
हरेली त्यौहार में क्या किया जाता है- 
हरेली त्योहार किसान लोक पर्व हरेली पर खेती-किसानी में काम आने वाले उपकरण और बैलों की पूजा किया जाता है। करीब डेढ़ माह तक जी तोड़ मेहनत करते किसान लगभग बुआई और रोपाई का कार्य समाप्त होने के बाद अच्छी फसल की कामना लिये सावन के दूसरे पक्ष में हरेली का त्योहार मनाते हैं जो किसानो के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस दिन किसान खेती में उपयोग होने वाले सभी औजारों की पूजा करते हैं। गाय बैलों की भी पूजा की जाती है। और गेंड़ी सहित कई तरह के पारंपरिक खेल भी हरेली तिहार के आकर्षण होते हैं।

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