पुलिया की समस्या से परेशान है ग्रामीण, प्रशासन से लगाई गुहार…

रिपोर्टर- बृजेंद्र कुमार

बलरामपुर, 17 जुलाई 2023 : जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर ग्राम पंचायत लोधा के महराजीदामर गांव में 300 से अधिक आबादी निवासरत है आज से 15 से 20 वर्ष पहले से यहां के ग्रामीणों के द्वारा नेता, विधायक, अधिकारियों के पास अपनी मांग कर-कर के थक गए है लेकिन इनकी मांगों को आज तक पूरा नहीं किया गया थक-हार कर ग्रामीण मुख्य सड़क से लेकर अपने मोहल्ले तक दो छोटी बड़ी नदिया पड़ती है जिसे पार कर गांव पहुंच जाता है, दोनों नदी में ग्रामीणों ने मिलकर बरसात में आवागमन सुचारू रूप से चालू हो उसके लिए बड़े बुजुर्ग महिला बच्चे मिलकर पत्थरों से पुलिया का निर्माण कर रहे हैं.

ग्रामीणों ने बताया कि लोधा से इस बार से बीडीसी भी हुए हैं लेकिन उनके द्वारा भी सिर्फ आश्वासन ही दिया गया और 15 से 20 सालों में चुनाव के समय नेता आते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं और चले जाते हैं और हमारी समस्याओं को भूल जाते हैं उन्होंने बताया कि बरसात के टाइम हमारा पारा टापू बन जाता है यहां से आवागमन बिल्कुल बंद हो जाती है अगर किसी महिला की तबीयत खराब हो जाती है तो सड़क तक मरीज को चारपाई या खटोली बनाकर ले जाना होता है तब एंबुलेंस तक मरीज पहुंच पाता है और तब उसकी इलाज हो जाती है वही एंबुलेंस के अभाव में कई बार गर्भवती महिलाओं को इस समस्या से दो-चार होना पड़ता है.
M.A. करने वाली छात्रा ने बताया कि हम पहली से पढ़ना शुरू की थी तब भी यही स्थिति थी और आज हम m.a. कंप्लीट कर चुके हैं तब यही स्थिति बनी हुई है यहां पूर्व गृह मंत्री रामविचार नेताम सहित वर्तमान विधायक बृहस्पति सिंह जी आए लेकिन हमारी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया उन्होंने भी सिर्फ आश्वासन हीं दिया. पांचवी पढ़ने वाले एक छोटे से बच्चे ने भी अपनी दुख भरी कहानी बयां की स्कूल जाते वक्त नदी में बाढ़ की वजह से बह गया था जिसे गांव वालों ने किसी तरह बचाया। ग्राम पंचायत में आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने अपनी समस्या को लेकर कई बार मांग की लेकिन सरपंच सचिवों के द्वारा साफ शब्दों में ग्रामीणों को कह दिया जाता है कि हमारे पास कोई फंड नहीं है आपको जहां जाना है आप चले जाएं।
जब इस मामले से जनपद पंचायत रामचंद्रपुर ceo को दी गई तो उन्होंने बताया कि महराजीदामर की समस्याओं को जल्द समाधान किया जाएगा, ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पारित कर उनकी पुलिया निर्माण करने के लिए समुचित विभाग को बनाने के लिए दिया जाएगा, अब देखने वाली बात यह होगी की सरकार की उदासीनता रवैया इसी तरह बरकरार रहेगी या फिर ग्रामीणों की समस्या पर कोई पहल करेगी. कब तक ग्रामीणों को पुलिया नसीब हो पाएगा।

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